पीबीएम के मानसिक एवं नशामुक्ति विभाग में कार्यशाला आयोजित, नशीली दवाइयों के दुरुपयोग के प्रति किया जागरूक
बीकानेर। पी.बी.एम. अस्पताल के मानसिक एवं नशामुक्ति विभाग में हर वर्ष की भान्ति सोमवार को नशीली दवाओ के सेवन एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अन्तराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष में कार्यशला का आयोजन किया गया जिसकी थीम लोग पहले कलंक और भेदभाव को रोके रोकथाम को मजबूत करे। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. गुंजन सोनी, मानसिक रोग विभाग से आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल गोयल, आचार्य डॉ. हरफूल सिंह विश्नोई, सहायक आचार्य डॉ. राकेश कुमार डॉ. निशान्त चौधरी, श्वसन रोग विभाग से डॉ. अजय श्रीवास्तव, द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. गुजन सोनी ने नशीली दवाओ के दुरूपयोग के विषय पर समाज के युवाओ को जागरूक किया एवं नशा नही करने के लिए लोगो को प्रेरित किया। अक्सर लोग जीवन के तनाव तथा विफलताओ से पीछा छुडाने के लिए नशे की लत का सहारा लेते है जिसका परिणाम एक दिन उनहे नशे का गुलाम बना देते है। इसीलिए उन्होने आमजन को नशे से दूर रहने का आग्रह किया। इसी क्रम में आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने बताया कि आज का युवा नशे की लत मे अपना सारा जीवन बर्बाद कर देता है एक बार चाहे या अनचाहे नशा जीवन में प्रवेश कर ले तो उससे छुटकारा पाना आसान नही होता इसी कारण उसका सामाजिक, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। उन्होने लोगो को नशा छोडकर अपनी नई जिन्दगी की शुरूआत करने की प्रेरणा दी। इसी क्रम में आचार्य डॉ. हरफुल सिंह ने कहा कि हमारे युवा पीढ़ी जैसे कि स्कुल, कॉलेज एवं कोचिंग के छात्र नशा माफिया के चपेट में सबसे आसानी से आ जाते है। इसीलिए हमें अपने बच्चो पर शुरूआती तौर से ही ध्यान रखना चाहिए, उनके रहन-सहन, साथ संगती एवं स्वभाव में बदलाव को लेकर सचेत रहना चाहिए ताकि हम उन्हें नशे की लत से दूर रख सके। क्योंकि नशामुक्ति से भी ज्यादा जरूरी है कि हम उन्हें नशा शुरू करने से रोके और यह सब हम सबके सामुहिक प्रयास से ही सम्भव है। इसी क्रम में नर्सिंग आफिसर प्रेमरतन ने नशामुक्ति के बारे में अपने विचार प्रकट किये। इस कार्यक्रम में समस्त रेजिडेन्ट डॉक्टर्स, नर्सिंग ऑफिसर एवं स्टाफ व मरीज व मरीज के परिजनो ने हिस्सा लिया तथा इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
