बाबा के जयकारे लगाते रामदेवरा पहुंचे लाखों श्रद्धालु, पैदल यात्रियों की सेवा में जगह-जगह लगे शिविर, चर्चा में रही ‘चुटकी चाय’

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बाबा के जयकारे लगाते रामदेवरा पहुंचे लाखों श्रद्धालु, पैदल यात्रियों की सेवा में जगह-जगह लगे शिविर, चर्चा में रही ‘चुटकी चाय’

बीकानेर। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक बाबा रामदेव जी का भादवा मेला हर बार की तरह इस बार भी परवान पर रहा। हर साल भादवा माह में भरने वाले इस मेले में देश भर के लाखों श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शन के लिए रामदेवरा पहुंचते हैं। पश्चिमी राजस्थान में मेले के लिए भक्तो में जोश और उत्साह देखने को मिला। बीकानेर संभाग से भी लाखों श्रद्धालु पदयात्रा कर रामदेवरा पहुुंचे। पैरों में बंधे घुंघरू और चेहरे पर उत्साह तथा बाबा रामदेव के जयकारे लगाते व डीजे पर भजनों पर नाचते गाते पदयात्री रामदेवरा पहुंचे। श्रद्धालुओं की सेवा के लिये सेवादारों ने भी कोई कमी नहीं छोड़ी। जगह-जगह लगे शिविरों में यात्रियों के लिए भोजन, चाय-नाश्ता, मेडिकल व ठण्डे जल की सेवाएं दी गई।

वहीं रामदेवरा जाने वाले भक्तों के लिये जल सेवा समिति पदमपुर की ओर से हर साल लगाई जाने वाली सेवा इस बार ‘चुटकी चाय’ के कारण खासी चर्चा में रही। समिति के महेश कुमार मित्तल व उदाराम ने बताया कि सेवा शिविर में पहले सिर्फ जल की व्यवस्था करते थे लेकिन एक दिन समिति के सभी पदाधिकारियों ने चाय की सेवा भी लगाने का निर्णय चुटकियों में किया। इसलिये इस का नाम ‘चुटकी चाय’ रखा गया। उन्होंने बताया कि रामदेवरा जाने वाले भक्तों के लिये हर वर्ष सेवा शिविर लगाया जाता है। इसी क्रम में इस बार भी सेवा शिविर लगाये गए जिसमें चुटकी चाय की भी सुविधा शामिल रही। जिसको पीने के लिये श्रद्धालुओं की कतारे देखने को मिली। उन्होंने बताया कि चुटकी चाय सिर्फ नाम से ही अलग नहीं है बल्कि इसे बनाने में सबसे महंगे दुग्ध का उपयोग किया जाता है व इसको और ज्यादा स्वादिस्ट व स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इलायची, सौंठ, लोंग, काली मिर्च सहित करीब 10 प्रकार की चीजों से बना मसाला डालकर बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि बाबा के भक्तों की सेवा के लिए इस बार सेवा समिति ने 8 सितम्बर को पदमपुर से रवानगी ली थी। 8 सितम्बर से 21 सितम्बर तक करीब 14 दिन की इस सेवा में रामदेवरा जाने वाले भक्तों को अलग-अलग जगहों पर चुटकी चाय सहित अन्य सेवाएं दी गई। सेवा शिविर में करीब 20-25 सेवादारों ने अपनी सेवाएं दी।