डोटासरा बोले, हमारे लोग बीजेपी से निभाते हैं दोस्ती, उनके कहने पर होते हैं अफसरों के तबादले
जयपुर। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने नाम लिए बगैर कई मंत्रियों पर निशाना साधा। डोटासरा ने कहा कि हमारे लोग बीजेपी से दोस्ती निभाते हैं, बीजेपी के नेताओं के कहने पर अधिकारी बदल जाते हैं लेकिन हमारे विधायकों और कार्यकर्ताओं के कहने पर अधिकारी नहीं बदलते और न ही काम होता है। डोटासरा ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की संयुक्त बैठक में कहा कि हम फील्ड में जाते हैं तो इस तरह की बातें हमें सुनने को मिलती हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे कुछ नेता ऐसे हैं जो बीजेपी और संघ को ठोककर जवाब देते हैं, जब यह लोग मेरा गला नहीं काट सकते तो तुम्हारा क्या बिगाड़ लेंगे। बीजेपी और आरएसएस गड़बड़ कर रही है तो इनके खिलाफ खुलकर बोलना चाहिए, इनसे दोस्ती निभाने का वक्त नहीं है। बैठक को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी संबोधित किया।
सिफारिश से बने पदाधिकारी गलतफहमी में नहीं रहें
डोटासरा ने प्रदेश पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों को भी नसीहत देते हुए कहा कि नेताओं की सिफारिश से पदाधिकारी बन जाते हैं और फिर नेता के इर्द-गिर्द घूमते हैं, पार्टी के लिए कोई काम नहीं करते हैं। ऐसे पदाधिकारियों की हमने पहले छुट्टी की थी और आगे भी जो पदाधिकारी काम नहीं करेगा उसकी छुट्टी करेंगे।
सिफारिश से बने पदाधिकारियों को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। अगर पदाधिकारी बने हैं तो पार्टी के लिए काम तो करना पड़ेगा। दरअसल प्रदेश कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में मुख्यमंत्री गहलोत, सचिन पायलट सहित पार्टी के नेताओं के समर्थकों को एडजस्ट किया गया है। ऐसे में डोटासरा की इस नसीहत के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
7 दिन में कार्यकारिणी नहीं तो बना कार्यकारी अध्यक्ष से लूंगा काम
डोटासरा ने जिलाध्यक्षों को तल्ख लहजे में कहा कि जिलाध्यक्षों को 7 दिन में कार्यकारिणी बनाकर पीसीसी मुख्यालय को भेजनी होगी, अगर वो ऐसा नहीं कर पाए तो वहां कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति कर उनसे काम लूंगा।
